मुंबई पर २६/११ को हुए आतंकी हमले में हेन्द्लर बन कर आतंकियों को हिंदी सिखाने और कई तरह के निर्देश देने का आरोपी अबू हमजा उर्फ़ अबू जिंदाल उर्फ़ सैयद जबिउद्दीन को दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने गिरफ्तार कर लिया है और उससे लगातार पूछ-ताछ जरी है, बताया जाता है की अबू हमजा के सम्बन्ध इंडियन मुजाहिद्दीन और लश्कर-ए-तैबा के साथ भी हैं ।
मगर सवाल ये उठता है की मुंबई हमले के जो दोषी जेल में हैं वो तो दामाद की तरह पल ही रहे हैं तो क्या ये नया आरोपी भी उन्ही की तरह हमारी हिन्दुस्तान की जेल में अपनी बाकी की ज़िन्दगी मज़े से काटने के लिए लाया गया है, पता नहीं हमारी सरकार किस तरह के सुबूत और आधारों के इंतज़ार में है जिनके मिलने, फिर जाँच होने, फिर विश्वसनीय होने, फिर सभी की सहमती पाने के बाद वो इन सभी दोषियों को सज़ा देने की स्थिति में आएगी ।
भारत को एक दुःख से भरी तारीख देने वाले ये आतंकवादी जितने आराम से जिलो में अपनी जिंदगी काट रहे है, इन परिस्थितियों को देख कर उन वीरों के परिवार वालों पर दुःख व क्रोध का एहसास असहनीय स्थिति में है जिन्होंने भारत माता की रक्षा के लिए प्राण लुटाते समय एक बार भी नहीं सोंचा की उनके बाद उनकी इस क़ुरबानी की क्या कीमत लगाएगी ये भारत सरकार और क्या उसके परिवार वालों को उनकी क़ुरबानी पर इन्साफ मिलेगा या नहीं ।
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