टीम अन्ना ने प्रणब मुखर्जी पर निशाना साधते हुए कहा है की वह राष्ट्रपति पद के लायक है या नहीं इस से पहले उन पर लगे सभी आरोपों की जाँच होनी चाहिए . यह राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए अति आवश्यक है की उसका दामन पुर्णतः साफ़ हो । अरविन्द केजरीवाल ने साफ़ और सीधे शब्दों में कहा है की प्रणब मुखर्जी पर २००७ का "चावल घोटाला" जिसमे अफ्रीकन देशो में भूखों की आपूर्ति के नाम पर किसी और देश को ही चावल देने का आरोप है तथा २००५ में "स्कोर्पीन डील स्कैम" में दलाली खाने और इसी वर्ष "नेवी वार रूम स्कैम" में भी हाथ होने का आरोप लगाया है ।
टीम अन्ना ने २६ मई को प्रणब,प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और १३ मंत्रियों पर अरूप लगाये थे, औए उन्होंने कहा की इनकी जांच के लिए विशेष दल बनाना चाहिए तथा राष्ट्रपति बनने वाले व्यक्ति को भी बेदाग़ होना चाहिए। इस पर भा.ज.प. ने तीखा रुख अपनाते हुए कहा की टीम अन्ना को संविधान से भी ऊपर बनने का प्रयास नहीं करना चाहिए ।
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