युवाओं का देश कहा जाता है भारत, कोई संदेह नही fक सबसे जादा युवा वर्ग इसी देश मे रहते हैं पर लगता है कि अब ये है, था मे बदल चुका है अब बूढ़ा होता जा रहा है भारत का युवावर्ग, युवा होने से पहले शायद बुढ़ापे की सीढ़ी चढ़ने लगा है आज का युवावर्ग, बात तो पहले से ही जानते थे पर आज आमिर ख़ान के शो सत्यमेव जयते को देखकर पूरा विश्वास हो गया
सारे तथ्य सत्य और सच ही तो है, कभी अच्छा और भर पेट ख़ाता था व्यक्ति, बाजुओं मे ताक़त होती थी, कोई झाँसी की रानी होती थी, कोई भगतसिंग. भारत माता की सदा कृपा रही अपने लालो पर कि बेशक खाली पेट उठाया पर खाली पेट सुलाया कभी नहीं, जनता चाहे जितनी भी रही हो पर भारत माता ने सबको पाला है, शुरू से ही अच्छी ख़ासी पैदावार चल रही थी कि हरित क्रांति आ गई और मच गई इस भारत माता की लाड़ करने वाली मिट्टी पर जहर उडेलने की होड़, लगता है जैसे शाजिस रची गई हो युवा वर्ग को कमज़ोर बनाने की.
ऐसे--ऐसे कीटनाशक जो वाकई मे मानव के शरीर के अंदर पहुँचकर क्या संग्राम मचा रहें हैं कोई कल्पना भी नही कर सकता, इस शो की रिसर्च जो कुछ रही हो पर मैं जादा दूर नहीं जाऊँगी बल्कि मैं तो अपनी पहली रिसर्च अपने पड़ोस से ही शुरू करना चाहूँगी, मैं अपने आस पड़ोस के अस्पतालों और क्लिनीकों में सुबह से लेकर शाम तक लोगों का ताँता लगा देखती हूँ आख़िर ऐसा क्यो ? मेरे पड़ोस मे रहने वाला एक १० वर्षीय बालक पिछले ४ वर्ष से पथरी से ग्रसित है, आख़िर ऐसा क्यो ? लगभग सभी घरॉ मे ८०% सदस्य बीमार है, हर माता पिता अपने बच्चों को अपनी समझ से भरपूर पौष्टिक आहार देता है लेकिन ज़्यादातर बच्चे ऐनिमिक हैं, उनका शरीर मजबूत नही है वो जादा दौड़ नही सकते जादा वजन नही उठा सकते बहुत जल्दी थक जाते हैं.
क्या यहाँ ये सवाल बार--बार मन मे नही उठता कि भर पेट और पोषक आहार लेने के बाद भी उनका पोषण उन्हे क्यों नही मिलता ? और क्या इस बात से हम इस बात पर संदेह नही कर सकते कि कहीं हम आहार के तौर पर स्लो पोइजन तो नही ले रहे हैं, खेती की विकास के आड़ मे डाला जाने वाला कीटनाशक ना केवल हमारे खाने मे जहर घोल रहा है बल्कि हमे साफ सुथरी वायु के लिए भी मोहताज बना रहा है कही ऐसा ना हो कि युवा वर्ग के साथ--साथ भारत का बचपन भी कमज़ोर और धुँधला हो जाए, यहाँ ज़रूरत किसी और के कदम उठाने की नही है और ना ही एक दूसरे का मूह देखने की कि कौन आगे बढ़ेगा! यहाँ ज़रूरत है हमारे जागने की और किसान भाइयों के अच्छे प्रशिक्षण की, सरकार को खुद किसानो को प्रशिक्षित कराकर जैविक खेती के मार्ग खोलने चाहिए, आख़िरकार एक उत्तम आहार ही एक उत्तम शरीर खड़ा कर सकता है और तभी तो होगी देश की सुरक्षा मजबूत युवाओं के हाथ में
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