सत्‍यमेव जयते' में आमिर ने लिया झूठ का सहारा

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आमिर खान के शो 'सत्‍यमेव जयते' की मौलिकता पर सवाल उठने लगे हैं। शो में बतौर ऑडिएंस शामिल हुए एक शख्‍स का आरोप है कि 'सत्‍यमेव जयते' में जैसा दिखाया जाता है, वह हकीकत से दूर होता है। 'आउटलुक' मैगजीन में छपे एक लेख में दावा किया गया है कि 'सत्‍यमेव जयते' में हमेशा सत्‍य की ही जीत नहीं होती, बल्कि उसे आसानी से एडिट कर दिया जाता है।
 
मैगजीन ने इस शो में बतौर ऑडिएंस शामिल एक शख्‍स के हवाले से यह दावा किया है। सफाई कर्मचारी आंदोलन के नेता बेजवाड़ा विल्‍सन उस एपिसोड का हिस्‍सा बने थे, जिसमें जातिप्रथा और छुआछूत जैसी सामाजिक बुराइयों पर बहस हुई थी।
 
विल्‍सन ने इस एपिसोड के दौरान जब सुप्रीम कोर्ट और संसद की आलोचना सहित कुछ गंभीर मसले उठाए तो उनके शब्‍दों की एडिटिंग कर दी गई। विल्‍सन ने शो से अन्‍य तरह की छेड़छाड़ की भी बात की है। विल्‍सन के मुताबिक जब आमिर खान  ने कौशल पंवार (शो में शामिल प्रतिभागी और डीयू में प्रोफेसर) का इंटरव्‍यू लिया था, उस वक्‍त वह ऑडिएंस में शामिल नहीं थे। लेकिन एपिसोड में दिखाया गया कि कौशल पंवार की बात पर विल्‍सन 'चौंक' जाते हैं। विल्‍सन के मुताबिक, वो खुद को ऑडिएंस में देखकर हैरान थे।
 
उन्होंने कहा कि कौशल के इंटरव्यू की रिकार्डिंग ऐसे स्टूडियो में हुई थी, जिसमें रिकॉर्डिंग के वक्त वहां कोई भी नहीं था। लेकिन रविवार को जब एपिसोड दिखाया गया तो लोगों को कौशल की आपबीती पर प्रतिक्रिआएं देते हुए दिखाया गया। एडिटिंग के जरिए शो में कौशल की कहानी के साथ-साथ ऑडिएंस की भावनाएं भी दिखाईं गईं। यही नहीं, जब  आमिर खान  ने कौशल के पिता का नाम पूछा तो दर्शकों ने तालियां भी बजाईं जबकि असली रिकार्डिंग के वक्त कोई वहां मौजूद नहीं था। इससे साफ जाहिर होता है कि यह सब नकली था और लोगों की भावनाएं को कौशल की कहानी के साथ जोड़ा गया था।

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