रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया लगातार चली आ रही जली नोटों की समस्या से निपटने के लिए जल्द ही प्लास्टिक के नोट जरी करेगा, प्लास्टिक नोटों का जाली नोट बनाना बड़ी ही जटिल प्रक्रिया है इसलिए सावधानी के तहत यह फैसला लिया गया है, प्लास्टिक नोट पोलीमर का होगा अतः यह कागज़ के नोट की तुलना में ज्यादा टिकाऊ और मजबूत होगा, इसको, स्कैन, रिप्रिंट और कॉपी नहीं किया जा सकता तथा पोलीमर रीसायकिल किया जा सकता है, इसलिए पर्यावरण के लिए भी लाभदायक है |
पहली बार प्लास्टिक नोट केंद्रीय बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया ने ऑस्ट्रेलिया में १९९३ में जारी किया था जो दस ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का था मौजूदा समय में ऑस्ट्रेलिया,न्यूजीलैंड, पापा गुएना, रोमानिया, बरमुडा, ब्रुनेई और वियतनाम देशो में प्लास्टिक नोट का उपयोग किया जा रहा है, भारत में प्लास्टिक नोट की घोषणा सितम्बर २००९ में की गयी थी |
प्लास्टिक नोट एक अच्छे विकल्प के रूप में सामने आया है और कही न कही इसके आने से नोटों के जालिकरण पे रोकथाम तो लगे गी ही, फिर भी प्लास्टिक नोट और भी कई दृष्टिकोणों से सुविधा जनक प्रतीत होता है |
पहली बार प्लास्टिक नोट केंद्रीय बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया ने ऑस्ट्रेलिया में १९९३ में जारी किया था जो दस ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का था मौजूदा समय में ऑस्ट्रेलिया,न्यूजीलैंड, पापा गुएना, रोमानिया, बरमुडा, ब्रुनेई और वियतनाम देशो में प्लास्टिक नोट का उपयोग किया जा रहा है, भारत में प्लास्टिक नोट की घोषणा सितम्बर २००९ में की गयी थी |
प्लास्टिक नोट एक अच्छे विकल्प के रूप में सामने आया है और कही न कही इसके आने से नोटों के जालिकरण पे रोकथाम तो लगे गी ही, फिर भी प्लास्टिक नोट और भी कई दृष्टिकोणों से सुविधा जनक प्रतीत होता है |
