अमेरिका की टाइम मैगज़ीन ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को उम्मीद से कम सफल प्रधानमंत्री बताते हुए कहा है की मनमोहन ऐसे आर्थिक सुधारों पर आगे बढ़ने में हिचक रहे हैं जिनसे देश की अर्थव्यवस्था में तेज़ी आ सकती है गौरतलब है की मनमोहन भारतीय अर्थव्यवस्था के उदारीकरण में अहम् भूमिका निभाने के लिए जाने जाते रहे है | हाल ही में ग्लोबल रेटिंग एजेंसी स्टैण्डर्ड एंड पुअर्स ने अपनी रिपोर्ट में भी मनमोहन को सीमित क्षमताओं वाला प्रधानमन्त्री बताया था |
टाइम के एशिया एडिशन के कवर पेज पर छपी मनमोहन की तस्वीर के ऊपर शीर्षक है 'उम्मीद से कम सफल : भारत को चाहिए नयी शुरुवात | अन्दर मैगज़ीन में 'मैन इन शैडो ' नाम से एक लेख में सवाल किया गया है कि क्या पीएम मनमोहन सिंह अपने काम में खरे उतरे है ? रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्थिक बढ़ोत्तरी में सुस्ती ,भारी वित्तीय घाटा और लगातार गिरते रुपये कि चुनौतियों का सामना करने के साथ ही कांग्रेस के नेतृत्व और घोटालों से घिरी हुई है | साथ ही सुधारों को आगे बढ़ने में कमजोरी भी दिखा रही है |
टाइम के एशिया एडिशन के कवर पेज पर छपी मनमोहन की तस्वीर के ऊपर शीर्षक है 'उम्मीद से कम सफल : भारत को चाहिए नयी शुरुवात | अन्दर मैगज़ीन में 'मैन इन शैडो ' नाम से एक लेख में सवाल किया गया है कि क्या पीएम मनमोहन सिंह अपने काम में खरे उतरे है ? रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्थिक बढ़ोत्तरी में सुस्ती ,भारी वित्तीय घाटा और लगातार गिरते रुपये कि चुनौतियों का सामना करने के साथ ही कांग्रेस के नेतृत्व और घोटालों से घिरी हुई है | साथ ही सुधारों को आगे बढ़ने में कमजोरी भी दिखा रही है |
