बहुत उलझे हुए है अपने ही लोग
मनीष शुक्ल
मुसीबत में फसे है अपने ही लोग
गर ऐसे ही चलता रहा इन चोरो का काफिला
तो तय है इक दिन उखड जायेंगे अपने ही लोग
वक़्त है यही सही अब आगे बढ़ो दोस्तों
वरना अब मिट जायेंगे अपने ही लोग
ऐसे हम भी हों सकता है हों जाये शिकार
तब कुछ न कर पाएंगे अपने ही लोग
बेदी,विश्वास,केजरीवाल,भूसन,सि शोदिया
सभी को बचाओ मुशीबत में है अपने ही लोग मनीष शुक्ल
