
गुजरात विधानसभा चुनावों में बीजेपी नरेंद्र मोदी की लीडरशिप में हैट-ट्रिक लगाते हुए फिर सत्ता हासिल कर सकती है। इंडिया टुडे और ओआरजी के ऑपिनियन पोल में यह दावा किया गया है। पोल के मुताबिक अपनी ईमानदार और विकास पुरुष की छवि के बलबूते वह गुजरात में बीजेपी को तीसरी बार सत्ता दिलाने में सफल हो सकते हैं , वहीं कांग्रेस पिछले चुनावों से बदतर हालत में रह सकती है ।
लेकिन कुछ सर्वे बारीक अक्षरों में स्थिति को बयान कर रहे हैं क्योंकि केशुभाई पटेल जैसे मोदी के धुर विरोधियों की लोकप्रियता 2007 विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस बार दोगुनी दिखाई दे रही है। 1995 के बाद मोदी के लिए यह पहला चुनाव में जिसमें वह तिहरी लड़ाई लड़ रहे हैं।
दूसरी तरफ दस बड़ी मुस्लिम संस्थाओ जमीयत-उल-उलेमा हिन्द, जमात-ए-इस्लामी हिन्द, ऑल इंडिया मजलिस-ए-मुशावरत, ऑल इंडिया मिली काउंसिल, मूवमेंट फॉर इंपॉवरमेंट ऑफ मुस्लिम इंडियंस, ऑल इंडिया मोमिन कॉन्फ्रेंस, ऑल इंडिया शिया कॉन्फ्रेंस, मरकाजी जमीयत-अहले हदिथ, इमारत-ए-शरिया और ऑल इंडिया मुस्लिम एजुकेशन सोसायटी ने कहा है की अगर मोदी 2002 के दंगो के लिए माफ़ी मांगते है तो वो अपने मुस्लिम भाइयो से मोदी को समर्थन देने को मना सकते हैं ।
वहीँ एक अंग्रेजी अखबार 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' में दिए इंटरव्यू में मोदी ने कहा मैंने कोई अपराध नहीं किया, इसलिए माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता।