.jpg)
खाली खाली सा एक ख्याल रहा इस दिल में।
उसके आने का अब भी, इंतज़ार रहा इस दिल में।।
प्यार की बस्ती उजड़कर, आज ख़ाक हो गई।
उसके होने का अब भी, अहसास रहा इस दिल में।।
इस तन्हा आलम में, रोते रहे बहुत हम पर।
मर कर भी जिन्दा, वो प्यार रहा इस दिल में।।
जिस्म से अलग हुआ था, वो मेरी जान से नहीं।
एक आहट सी बनकर, वो पास रहा इस दिल में।।
लम्हे-लम्हे से जुदा करना चाहा था उसे मैंने।
बनकर वो धड़कन, धड़क आज रहा था इस दिल में।।
अश्कों की हर एक बूँद में, उसे समेटा हुआ था मैंने।
कैसे कर दूँ जुदा उसे, ये सवाल रहा इस दिल में।।
By- Swati Gupta