गन्ने के मूल्यों
को बढ़ने की
मांग को लेकर
सांगली से शुरू
हुआ आन्दोलन अब
एक बड़ी लड़ाई
की तरह सामने
आ गया है, जहाँ
एक तरफ बाल
ठाकरे के अखबार
"सामना" ने राजू
शेट्टी और शरद
पवार पर इलज़ाम
लगाते हुए कहा
की वो अपने
सामर्थ के अनुसार
काम नहीं कर
रहे हैं, वही
सामना ने ये
भी कहा की
राजू शेट्टी सिर्फ
शांतिपूर्ण आन्दोलन की बातें
कर रहे हैं
बल्कि उन्हें गन्ना
किसानो को हक़
दिलाने के लिए
केंद्र सरकार की कुर्सी
हिलानी चाहिए ।
दूसरी तरफ अन्ना
हजारे भी गन्ना
किसानो के समर्थन
में आगये हैं,
अन्ना ने सांगली
जिले में गाना
किसानो पर हुई
फायरिंग की निंदा
करते हुए सरकार
के गैरजिम्मेदार रवैये
पर रोष जताया
है साथ ही
अन्ना ने गन्ना
किसानो को हिंसा
से दूर रहने
की भी सलाह
दी है ।
अब देखने
वाली बात ये
होगी की गन्ने
को लेकर होती
राजनीति कौन सा
रुख लेती है
साथ ही क्या
गन्ना किसान अपनी
मांगे मनवाने में
कामयाब हो पायेंगे
।
