महल,वो कौन थी और, मेरा साया जैसी फिल्मों की याद दिला गयी आमिर की "तलाश"

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फिल्म की शुरुवात होती है एक शांत सड़क से जो अगले ही पल एक अकस्मात् सड़क हादसे की वजह से अशांत हो जाती है, इस हादसे में मशहूर फिल्म कलाकार अरमान कपूर की मौत हो जाती है इस केस का इनवेस्टिगेटिव ऑफिसर सुर्जन सिंह शेखावत (आमिर खान) है जिसकी ज़िन्दगी एक भी उसके साथ हुए एक बड़े हादसे से जूझ रही है जिसमे उसने अपने बेटे को खो दिया था, दूसरी तरफ सुर्जन की इस परेशानी को देखकर उसकी पत्नी श्रेया (रानी मुखर्जी) भी दुखी है । सुर्जन अपने केस की तहकीकात में बहुत ज्यादा मेहनत कर रहा है और हाई प्रोफाइल केस होने की वजह से खुद ही इस केस की तहकीकात कर रहा है, क्युकी हादसे की जगह से रेड लाइट एरिया के नजदीक है तो सुर्जन की तहकीकात भी उसको उस जगह लेकर जाती है, जहां उसके सामने धीरे-धीरे कई राज़ खुलते है  इस केस में उसकी मदद कर रही एक रोजी(करीना कपूर) नाम की लड़की जो खुद मुंबई की बदनाम गलियों से वास्ता रखती है और एक दिन सुर्जन को पता चलता है की जो रोजी उसकी मदद कर रही है उसका असली नाम सिमरन है और यहीं से इंस्पेक्टर शेखावत की तहकीकात एक नया मोड़ लेती है ।
                             बात की जाए अगर फिल्म की कहानी की तो वो पुरानी फिल्मो की याद दिलाती नज़र आयी, अभिनय के नज़रिए से सभी अपने किरदार के साथ इन्साफ करते नज़र आये और बात करें संगीत की तो वो फिल्म की पटकथा को पूरी तरह सूट करता है साथ ही रीमा कागती का निर्देशन लाज़वाब रहा है, मगर फिल्म उस जगह निराश करती है जब दर्शक किसी और तरह के राज़ की उम्मीद कर रहा था और उसके सामने एक बहुत ही आउटडेटेड राज सामने आता है ।

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