अहम बदलाव
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इंग्लैंड के खिलाफ पहले दो टेस्ट मैचो के लिए जब संदीप पाटिल वाली नयी चयन समिति बैठी तो
हर किसी को कुछ नए की उम्मीद थी। ये उम्मीद शायद इसलिए थी के संदीप पाटिल ने जो 2003
वर्ल्ड कप फाइनल में किया था वो सबको याद हैं। केन्या जैसी कमजोर टीम को मार्गदर्शन देकर
वो सेमीफाइनल तक के आये थे।
जिस तरह से संदीप पाटिल बल्लेबाजी करते थे, लगभग उसी अंदाज़ में उन्होंने एक आक्रामक
फैसला लिया और उन्होंने कप्तान धोनी को अपने साथ बैठने को कहा, जिससे उन्होंने साफ़
जाहिर कर दिया के टीम के चयन में कप्तान की भूमिका काफी अहम् हैं।
इससे धोनी भी काफी खुश दिख रहे थे, क्योंकि कुछ दफा वो टीम चयन से संतुष्ट नहीं रहे है।
भारतीय क्रिकेट में कप्तान की भूमिका को इसके पहले शायद ही कभी इतनी तव्वजो दी गई
होगी, अकसर कप्तान को अपने पसंदीदा खिलाड़ी के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती थी। टीम
चयन में कप्तान की भूमिका काफी अहम् हैं क्योंकि अंत में उसे ही 14 या 15 खिलाडियों में से
सर्वश्रेष्ठ 11 चुनने पड़ते हैं।
जैसे टीम चयन की बात शुरू हुई कई खिलाडियों का चयन तो तय था। बात जिन पर होनी थी वो थे
सहवाग, गंभीर ,हरभजन .
सहवाग ने घरेलु मैच में शतक बना कर अपना दावा मजबूत किया और गंभीर ने भी 32 और47 रन
बना कर फ़ार्म में आने के संकेत दिए हैं। परन्तु फिर भी वो अपनी टीम को रणजी मैच में हार से
बचा नहीं पाए।
खेर इस बार चयनकर्ताओं और कप्तान धोनी ने दोनों को एक मौका और दिया हैं परन्तु साथ में
दो और ओपनर मुरली विजय और अजिंक्य रहाणे का चयन करके ये भी संकेत दिया हैं के अगर
दोनों ने मौके का लाभ नहीं उठाया तो उनकी जगह नए खून को मौका मिलेगा।
इसके बाद बात आकर रुकी हरभजन पर , हरभजन सिह का फ़ार्म घरेलु मैचो में भी ख़राब रहा है,
चैम्पियंस लीग में भी उन्होंने साधारण प्रदर्शन किया था।
लेकिन फिर भी उनके अनुभव को ध्यान में रखते हुए उन्हें एक और मौका दिया गया हैं।
उनका प्रदर्शन इंग्लैड के खिलाफ अच्छा रहता हैं और इस बात को भी चयनकर्ताओ ने ध्यान
में रखा होगा।
हरभजन सिंह ने भारत में खेले गए 8 टेस्ट मैच में इंग्लैड के खिलाफ 29विकेट लिए हैं जिसमे दो
बार पारी में 5 विकेट भी लिए हैं।
इसके अलावा सुरेश रैना को उनके ख़राब प्रदर्शन के चलते बाहर कर दिया गया हैं। युवराज सिंह
ने शानदार वापसी की हैं। घरेलु क्रिकेट में दोहरा शतक लगा कर उन्होंने अपनी फिटनेस साबित
कर दी हैं।
जो बदलाव इस बैठक और चयन में हुए वो काफी अहम् हैं और उम्मीद करते हैं इन बदलावों से
भारतीय टीम टेस्ट में फिर से जीत की राह पर लौट आये।
चिराग जोशी
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