फिल्म की शुरुवात होती एक दौड़ से जहां बांड एक मुजरिम का पीछा कर रहा है जिसके पास वो चिप है जिसमे एम आइ-6 के एजेंट्स की लोकेशन है जो दुनिया भर में इस एजेंसी के लिए काम कर रहे है, मगर उस मुजरिम से लड़ते-लड़ते गलती से एम आइ-6 की एक एजेंट बांड को मार देती है, दूसरी तरफ अब एम आइ-6 का ऑफिस भी आतंकियों की पहुँच से दूर नहीं रहा, इन्ही सब के बीच बांड जिन्दा हो जाता है और खुद से जूझने लगता है ।
इस फिल्म में अगर कुछ नया है तो ये की पुराणी फिल्मो की तरह भरपूर तकनिकी ससाधन नहीं है सिर्फ एक ऐसी गन जो सिर्फ बांड के इशारों की मोहताज़ है और एक रेडियो इन चीज़ों के साथ ही बांड अपनी पूरी जंग लड़ता है, फिल्म में अच्छी बात भी है की बिना सुपर हीरो की तरह किसी तकनिकी ताक़त के वो ददुश्मनों से लड़ता है ।
आप इस बात का भरपूर मज़ा ले सकते है की इस बार बांड ने बिना किसी खासा तकनिकी मदद के दुशमन से मुकाबला किया है
