दिल्ली में हुए सामूहिक बलात्कार के नौ दिन के बाद अब जाकर सरकारी हाथ पाँव जनता के सामने आयें है और ऐसी परिस्थितियों के बाद प्रधानमन्त्री का एक औपचारिक बयान भी जनता के समक्ष आया, जिसमे उन्होंने इस कुकृत्य की नींद की और साथ ही लोगो से शान्ति बनाये रखने की भी अपील की, उधर गृह मंत्री शिंदे ने दिल्ली के मुख्य न्यायाधीश से मुलाक़ात के बाद कहा की सात दिनों में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनेगा और तीन जनवरी से रोजाना सुनवाई होगी | वहीँ उपराज्यपाल तेजेन्द्र खन्ना ने दिल्ली के दो ए.सी.पी. मोहन डबास और यादराम को निलंबित कर दिया साथ ही डी.सी.पी. प्रेमनाथ और सतबीर कटारिया को नोटिस भी भेजा है |
दूसरी तरफ सोमवार को कई मेट्रो स्टेशन बंद होने की वजह से यात्रियों को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ा और मेट्रो बंद होने की वजह से सड़को पर भी कई जगह बड़ा जाम देखने को मिला ये स्थिति मंगलवार को भी जारी है और मंगलवार को भी कई मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे |
इन सब चीजों के चलते देखने वाली बात अब ये होगी की सरकार द्वारा एक साथ उठाये गए ये कदम कितने कारगर होंगे क्यूंकि सिर्फ क़ानून बना देना और ऐसे हादसों के बाद शोक प्रकट कर देने से ही सारी समस्याओ का समाधान नहीं हो सकता, और सभी क़ानून और और बदलाव तभी कारगर सिद्ध होंगे जब इन पर ध्यानपूर्वक अमल होगा |
