वैसे इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है असल में बात ये है कि हमारी भारत सरकार को कुत्ते पालने का बहुत शौक है। मुझे बड़ा ही दुख हुआ ये देखकर कि हमारे देश के गृहमंत्री शुशील कुमार शिंदे जी एक बड़ा सा प्रपत्र लेकर आये थे इस मुद्दे पर बोलने के लिए। वाह रे शिंदे जी ! आपसे भारत की आबरू पर दो शब्द न कहे गए, कैसे कहेंगे .........?? जिन मंत्रियों ने भारत माँ की आबरू को ना छोड़ा हो वो भला देश की बेटी की आबरू के लिए क्या कहेगा और क्या करेगा?
संसद में जया जी की बात से मै पूरी तरह से सहमत हूँ कि उन दरिंदों के पोस्टर पूरे देश में लगवाकर उन्हें जनता के बीच छोड़ दिया जाए, पर शीला दीक्षित जी के बयान से मै हैरान रह गई कि " बसों में C.C.T.V कैमरे लगाए जायेंगे। क्यों शीला जी ??.....ये देखने के लिए किबलात्कार का नजारा कैसा होता है। मैडम जी वारदात रोकिये उसके होने के बाद के प्रक्रम मत गिनवाइए, मै देश की सरकार से हाथ जोड़कर विनम्रता से प्रार्थना करना चाहती हूँ कि कम से कम इन मुद्दों पर सियासत खेलना बंद करें और हो सके तो मेहरबानी करके ऐसा कानून बनाए कि लडकियाँ महफूज होकर घर से निकल सकें.....क्योंकि हमारे जैसी पूरे भारत की बेटियाँ महफूज होना चाहती हैं, पर इन सबमें सबसे दुःख की बात ये है कि एक लड़की की आबरू चली गई और कोई दूसरी तैयार बैठी है क्योकि कुछ शख्श भले ही गिरफ्तार हो गए है पर ये करने वाले दिमाग अभी भी आजाद घूम रहे हैं ।
कब तक हम अपने घर से इस डर के साथ निकलेंगे की आज हम बाइज्ज़त घर तो लौट आयेंगे ???????? कब तक इसी तरह संस्कारों का क़त्ल करते रहेंगे देश के ये बलात्कारी दरिन्दे, कब तक बेटियों के कदम घर के बाहर पड़ते ही हर माँ का दिल धड़कते हुए डरता रहेगा और अपनी बेटी की सलामती की दुआ मांगता रहेगा। हमें आजाद होना है, जीना है, इस दुनिया को जीवन देने वाली इस शशक्त शक्ति के लिए आगे बढिए, भारत की आबरू के खातिर आवाज़ उठाइये।
Written By- Swati Gupta
