“दामिनी” गैंग रेप केस में पकड़े गए आरोपियों में से एक आरोपी खुद के नाबालिग होने का दवा कर रहा है जिसकी वजह से वो रेप की सजा से भी बच सकता है क्यूंकि हमारे संविधान में नाबालिग को ऐसे अपराध करने पर ज्यादा से ज्यादा तीन साल की कैद होती है जिसके दौरान उसे बाल सुधार केंद्र में रखा जाता है, जिसका मतलब ये है की अगर जल्द ही रेप जैसे मामले में सरकार ने कोई सख्त नियम न बनाया तो वह अपराधी मात्र तीन साल की एक आसान सी सजा पाकर दोबारा खुली हवा में सांस लेने में सक्षम हो जायेगा |
पुलिस की माने तो दामिनी के गैंग रेप में इस आरोपी ने वह सारे दुष्कर्म किये थे जिनकी वजह से “दामिनी” की हालत इतनी बुरी हो गयी थी इसी अपराधी ने जंक लगी लोहे की राड से दामिनी को अमानवीय यातनाए दी थी और इसी अपराधी ने दामिनी को आवाज़ देकर बस में बैठाला था | वहीँ इस मामले में इस प्रमुख अरोपी के बच जाने की बात को सुनकर दामिनी के पिता ने सरकार से अपील की है की रेप जैसे कुकृत्यों में बालिग़-नाबालिग का भेद मिटाकर सजा का प्रावधान बनाया जाना चाहिए क्यूंकि अगर इस तरह के क़ानून सिर्फ बालिगो के लिए बनेगा तो समय-समय पर ऐसा अपराध करने वाले अपराधी नाबालिग का तमगा दिखाकर बच जाया करेंगे |
तो अब सोचने वाली बात ये है की जिस तरह का रवैया सरकार ने रेप केसों में दिखाया है अगर वैसी ही देरी इस जरूरी क़ानून को दिखने में करती है तो कहीं दामिनी रेप केस का प्रमुख आरूपी कहीं अपनी वाजिब सजा से बच न जाये |
