दिल्ली यूनिवर्सिटी में बड़ा बदलाव होने जा रहा है और आने वाले दिनों में कॉरेस्पोंडेंस के स्टूडेंट्स भी टॉप मोस्ट कॉलेजों सेंट स्टीफंस और एसआरसीसी की क्लासों का हिस्सा बन सकेंगे.
वहां के लेक्चर्स को पढ़ाते देख और सुन सकेंगे.
सेशन 2013-14 से यह व्यवस्था लागू होने जा रही है. दूसरे कॉलेजों के रेगुलर स्टूडेंट्स को भी यह ऑपर्चुनिटी मिलेगी. यही नहीं डीयू के स्टूडेंट्स आईआईटी और आईआईएम समेत इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट के टॉप कॉलेजों के लेक्चर्स भी सुन सकेंगे.
यूनिवर्सिटी प्रशासन अपने कॉलेजों में अनलिमिटेड बैंडविथ कर इस सपने को साकार करने जा रहा है. सोमवार को प्रधानमंत्री के सलाहकार डॉ. सैम पित्रोदा और हॉर्वड यूनिवर्सिटी के प्रो. माइकल सेंडल ने वाइस रीगल लॉज में आईआईटी व आईआईएम समेत करीब 11 संस्थानों को डीयू से जोड़ कर दिखाया.
इस संबंध में डीयू कुलपति प्रो. दिनेश सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय डेढ़ साल पहले ही नेशनल नॉलेज नेटवर्क से जुड़ चुका है. नेशनल नॉलेज नेटवर्क से करीब 900 संस्थान जुड़े हैं. अब सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया डीयू के करीब 64 कॉलेजों में बैंडविथ असीमित करने जा रहा है.
इससे सभी कॉलेज आपस में जुड़ जाएंगे और कॉलेजों में लगे एलसीडी के माध्यम से स्टूडेंट्स किसी भी कॉलेज या बड़े शिक्षण संस्थान में चल रहे लेक्चर को सुन सकेंगे. यही नहीं रेगुलर कॉलेज के स्टूडेंट्स सवाल भी पूछ सकेंगे.
बैंडविथ बढ़ने का लाभ डीयू के स्कूल ऑफ ओपन लर्निग के विद्यार्थियों को भी मिलेगा. वे भी डीयू के किसी भी रेगुलर कॉलेज में चल रहे लेक्चर को सुन सकेंगे.
लैपटॉप के माध्यम से स्टूडेंट्स उस क्लास का हिस्सा भी बन सकेंगे. इसी सिस्टम की बदौलत आईआईटी व आईआईएम की क्लासों के लेक्चर भी डीयू में मैनेजमेंट से जुड़े स्टूडेंट्स सुन सकेंगे. उन्होने बताया कि इससे विद्यार्थी अपने सवाल भी शिक्षकों से कर सकेंगे.
स्टूडेंट्स अपने लैपटाप में लेक्चर को सेव भी कर सकेंगे, ताकि उसे दोबारा सुन सकें. प्रो. सिंह ने कहा कि आने वाले तीन महीनों में डीयू में बैंडविथ अनलिमिटेड कर दिया जाएगा. इससे कभी भी सर्वर डाउन की समस्या नहीं रहेगी.
अजय शुक्ला
रफ़्तार लाइव
