नई दिल्ली - मेट्रो के सफ़र की चाह लिए आते तमाम मुसाफिरों को आज दिल्ली में मेट्रो की अव्यवस्थाओं का शिकार होना पड़ा ,दिल्ली और एनसीआर पूरी मेट्रो के जाल में बुनी है पर अब दिन प्रतिदिन मेट्रो का अव्यवस्थाओं का शिकार होती दिख रही है आज हमारे विशेष संवाददाता ने मेट्रो का सफ़र वहां की अव्यवस्थाओं के बारे में जायज लिया ,उन्होंने प्रतिदिन चलने वाले यात्रियों से मेट्रो के सफ़र के अनुभव के बारे पूछा तो उन्होंने इस अनुभव को कुछ खट्टा कुछ मीठा बताया पर जब वहां मौजूद विधार्थीयों से पूछा गया कि आपका अनुभव कैसा रहा तो वहां मौजूद एक छात्र का जवाब एक दम स्पष्ट था उसने बताया कि -मेट्रो के प्लेटफ़ार्म पर पहुचने पर मेट्रो के डिस्प्ले बोर्ड पर मेट्रो का प्लेटफार्म पर आने का समय दिखता है पर अक्सर मेट्रो दिखाए गये समयानुसार के पहले आती है या फिर देर से आती है ,जिससे समय पर पहुच पाना मुश्किल हो रहा और कालेज प्रशासन से उन्हें अक्सर पटकार मिलती है |
वहीँ नेपाल से आये राजा से मेट्रो के अनुभव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने तीखे शब्दों में इसकी आलोचना कि उन्होंने अपने अनुभव को बाटते कहा कि -वह शादीपुर मेट्रो स्टेशन पर नोएडा सिटी सेंटर वाली मेट्रो चढ़े क्यूंकि डिस्प्ले बोर्ड पर नोएडा सिटी सेंटर दिखा रहा था ,क्यूंकि उन्हें सेक्टर १८ जाना था इसलिए पर जब वह यमुना बैंक पहुचे तो उन्हें पता लगा कि यह मेट्रो तो वैशाली तक जायेगी फिर उन्हें यमुना बैंक से मेट्रो बदलनी पड़ी और उन्होंने यह भी कहा कई देशों का सफ़र किया जिस प्रकार यहाँ पर मेट्रो में काफी भीड़ होती और मेट्रो स्टेशन से पहले खड़ी हो जाती है ,और उस असुविधा के लिए केवल खेद जताना ,उचित नही है ,इसलिए मै यही कहूँगा कि दिल्ली मेट्रो का सफर मेरे लिए काफी खट्टा रहा |
जिस प्रकार डीमआरसी अव्यवस्थाओं का शिकार हो रही है और यदि इसमें जल्द सुधार ना किया गया तो इसका हाल भी भारतीय रेलवे की तरह हो जायेगा |