राजनाथ सिंह को संसदीय चुनाव से लगभग एक साल पहले भाजपा की किस्मत बदलने के लिए अध्यक्ष इसीलिए बनाया गया ताकि वे मिशन 2014 में फतह हासिल कर सकें और भाजपा एक बार फिर सत्ता में वापसी कर सके। ऐसे में राजनाथ सिंह के नेतृत्व कौशल, उनके इतिहास, भविष्य के बारे में अपनाई जाने वाली रणनीतियों को लेकर चर्चा शुरू हो चुकी है कि उन्हें बीजेपी अध्यक्ष बनाया जाना किस हद तक एक सही फैसला साबित हो सकता है?
राजनाथ सिंह के नेतृत्व कौशल पर भरोसा रखने वाले लोगों का कहना है कि उनमें सबको साथ लेकर चलने का गुण है इसीलिए वे आरएसएस की पसंद बने। आरएसएस के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद जैसे उद्देश्य के काफी निकट होने के कारण उन्हें अंदरूनी चुनौतियां कम मिलेंगी जिससे वे बाहरी चुनौतियों का सामना आसानी से कर सकेंगे। आज के समय में किसी और को पार्टी का अध्यक्ष बनाना गलत साबित हो सकता था जबकि राजनाथ सिंह के पास तो पिछला कार्यकाल एक सबक के रूप में सामने है। वह अपनी कमजोरियों को पहचान कर उन्हें दूर कर सकते हैं।
वहीं दूसरी ओर वे लोग भी हैं जो राजनाथ सिंह पर भरोसा करने के लिए बिलकुल तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि राजनाथ केवल अपने फायदे के लिए पार्टी हित को बलि चढ़ाने के लिए चर्चा में रहे हैं और उनके लिए यही सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने अपने पिछले कार्यकाल में एनडीए गठबंधन के सहयोगियों सहित पार्टी के कुछ महत्वपूर्ण लोगों को नाराज किया। कई जगहों पर भाजपा की दूसरे दलों से जुगलबंदी खतरे में पड़ गई थी। उनके नेतृत्व में बीजेपी को असफलता ही हाथ लगी। राजनाथ सिंह पर जातिगत पक्षपात का आरोप भी लगता रहा है। ऐसे में उनसे बहुत ज्यादा उम्मीदें करना केवल एक ख्याली पुलाव हो सकता है जबकि हकीकत में ऐसा कुछ भी नहीं है।
‘राजनाथ सिंह को भाजपा अध्यक्ष बना कर मिशन 2014 में कामयाबी’ जैसे मसले पर विभिन्न पक्षों की राय जानने के बाद निम्नलिखित सवाल हमारे सामने प्रस्तुत हैं जिनका जवाब ढूंढ़ना आवश्यक प्रतीत होने लगा है, जैसे:
1. मिशन 2014 में फतह के लिए राजनाथ सिंह की योग्यता पर कितना भरोसा किया जा सकता है?
2. क्या राजनाथ पिछली असफलता से सबक लेते हुए इस बार कुछ नया करेंगे?
3. राजनाथ सिंह पर सहयोगी दल भरोसा करेंगे या नहीं? अगर नहीं तो क्या एनडीए फिर से अंतर्कलह से ग्रस्त हो जाएगी?
4. यदि राजनाथ नहीं तो फिर किसे बीजेपी अध्यक्ष बनाया जा सकता था?
रफ़्तार लाइव इस बार के फोरम में अपने पाठकों से इस बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दे पर विचार रखे जाने की अपेक्षा करता है। इस बार का मुद्दा है:
क्या मिशन 2014 के लिए राजनाथ सिंह उपयुक्त चयन साबित हो सकेंगे ?
आप उपरोक्त मुद्दे पर अपने विचार स्वतंत्र ब्लॉग या टिप्पणी लिख कर जाहिर कर सकते हैं।
अजय शुक्ला
रफ़्तार लाइव
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