जो अभी नहीं है शायद, वो कभी तो होगा।
कभी तो तेरा ये दामन दागदार होगा।।
कभी तो भीगेगा मेरा तन बदन आंसुओं से।
कभी तो मोहब्बत पर, बेवफाई का दाग होगा।।
कभी तो बरसेगी ये गम की छटा मुझ पर।
कभी तो गम के अंधेरों में मुझे रहना होगा।।
कभी तो दिल का हर टुकड़ा चुभेगा शीशे की तरह।
और हर टुकड़े की चुभन को मुझे सहना होगा।।
Written By- Swati Gupta
कभी तो तेरा ये दामन दागदार होगा।।
कभी तो भीगेगा मेरा तन बदन आंसुओं से।
कभी तो मोहब्बत पर, बेवफाई का दाग होगा।।
कभी तो बरसेगी ये गम की छटा मुझ पर।
कभी तो गम के अंधेरों में मुझे रहना होगा।।
कभी तो दिल का हर टुकड़ा चुभेगा शीशे की तरह।
और हर टुकड़े की चुभन को मुझे सहना होगा।।
Written By- Swati Gupta
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