मान लो मेरे दिल की शर्तें ।
नहीं याद करेंगे तुम्हे उस दिन के बाद ।।
चांदनी से कह दो मुस्कुराना छोड़ दे ,
कह दो चाँद से न निकले आज के बाद।
सिर्फ हो हर दिन अमावास की रात ,
खुदा कसम नहीं याद करेंगे तुम्हे उस दिन के बाद ।।
बादलों से कह दो उमड़ना छोड़ दें ,
कशमकश में वो गरजना छोड़ दे ।
हो हर दिन सूरज कि झुलसती हुई आग ,
खुदा कसम नहीं याद करेंगे तुम्हे उस दिन के बाद ।।
फूलों से कहो ये महकना छोड़ दे ,
तारों से कहो ये चमकना छोड़ दे ।
बस हों हर तरफ सूनसान जज्बात ,
खुदा कसम नहीं याद करेंगे तुम्हे उस दिन के बाद ।।
नहीं याद करेंगे तुम्हे उस दिन के बाद ।।
चांदनी से कह दो मुस्कुराना छोड़ दे ,
कह दो चाँद से न निकले आज के बाद।
सिर्फ हो हर दिन अमावास की रात ,
खुदा कसम नहीं याद करेंगे तुम्हे उस दिन के बाद ।।
बादलों से कह दो उमड़ना छोड़ दें ,
कशमकश में वो गरजना छोड़ दे ।
हो हर दिन सूरज कि झुलसती हुई आग ,
खुदा कसम नहीं याद करेंगे तुम्हे उस दिन के बाद ।।
फूलों से कहो ये महकना छोड़ दे ,
तारों से कहो ये चमकना छोड़ दे ।
बस हों हर तरफ सूनसान जज्बात ,
खुदा कसम नहीं याद करेंगे तुम्हे उस दिन के बाद ।।
स्वाती गुप्ता
